आ गई संतोषी माँ दर्शन कर जाओ

आ गई संतोषी माँ दर्शन कर जाओ
दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ
आ गई संतोषी माँ ..................

लाल पर्वत पहाड़ के माँ ने अपना रूप दिखाया
कलयुग में अवतार लिया नव दुर्गा रूप बनाया
माँ ने तुम्हे बुलाया है मन प्रसन्न कर जाओ
दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ
आ गई संतोषी माँ ..................

लाल सागर का पानी माँ के चरणों को धोता है
जो इस में स्नान करे कष्टों को वो धो देता है
मार लो गोता तुम चरणों में स्पर्श कर जाओ
दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ
आ गई संतोषी माँ ..................

पानी का एक कुंड है जिसमे बेहतरी अमृत धरा
जो पानी को पी ले उनके मन का मेल धुले सारा
आ बिन कटे न संकट थारो भ्रमण कर आओ
दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ
आ गई संतोषी माँ ..................

निर्धन को धन देती माता भरे पेट भूखों का
आनंद मौज की दाती माता भंडारा सुखों का
तुम भी अपने दुखों का बस वर्णन कर जाओ
दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ
आ गई संतोषी माँ ..................

रणबीर सिंह ने देखा माँ का जोधपुर में धाम
बिमला जी के माध्यम से पूरण होते काम
माँ के नाम पे सुबह शाम सब अर्पण कर जाओ
दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ
आ गई संतोषी माँ ..................
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