नार करगसा आणी

सभी भाया ने अरज मारी, नार करगसा आणी,
संत आता देखिया, दूध में मिलायो पाणी ,

पांच पच्चीस भैसियां मले, दोजा की धराणी,
संत आता देखियां, दूध में मिलायो पाणी ,

छाछ गालता छाती फाटे, दूध गालबो दोरो ,
रोटियां देता रोज आवे, झूठ बोलवो होरो ,

सगा जेठजीऊं लड़बा चाली, काणियां गुंगटा वाली ,
दोर जेठानियां ने गाल गमेड़ी,अबे मरदड़ी ने जाणी ,

कड़िया पहरे लगड़ पहरे, नांक में पहरे बाली,
नख-नख पर गहणो पहरके,घर का धणी सामे नाली,

पदम गुरूजी परवाणी मिलिया, लाडूरामजी जाणी ,
गुर्जर गरीबीऊं कनीरामजी बोले,न्यारी-न्यारी छाणी ,

             गायक भेरू पुरी सोपुरा  (भीलवाड़ा )
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