जब कोई तकलीफ सताए जब जब मन गबराता है

जब कोई तकलीफ सताए जब जब मन गबराता है,
मेरे सिरहाने खड़ा कन्हिया सिर पे हाथ फिराता है
जब कोई तकलीफ सताए जब जब मन गबराता है,

लोग ये समजे मैं हु अकेला मेरे साथ कन्हिया है,
दुनिया समजे डूब रहा मैं चल रही मेरी नैया है
जब जब लेहरे आती है ये खुद पतवार चलाता है
मेरे सिरहाने खड़ा कन्हिया सिर पे हाथ फिराता है

जिस के आंसू कोई न पोंचे कोई न जिसको प्यार करे,
जिस के साथ ये दुनिया वाले मतलब का व्यवहार करे,
दुनिया जिसको ठुकराती उसे ये पलको पे बिठाता है
मेरे सिरहाने खड़ा कन्हिया सिर पे हाथ फिराता है

प्रेम की डोर बंधी प्रीतम से जैसे दीपक बाती है
कदम कदम पर रक्शा करता ये सुख दुःख का साथी है
संजू जब रस्ता नही सूजे प्रेम का दीप जलाता है
मेरे सिरहाने खड़ा कन्हिया सिर पे हाथ फिराता है
श्रेणी
download bhajan lyrics (264 downloads)