धर्म को डर नहीं

धर्म को डर नहीं दुनिया रे माँय ,
धणियाँ बिना तो आज सूनी फिरे गाय ।
कटवाने चाली आज काना थारी गाय ,
सुणो – सुणो म्हारा सांवरा कुण करे सहाय ।।


समुद्र मंथन काम धेनु प्रगटाय ,
तन में तैतीस कोटी देवता समाय ।
गो से गोपाल  नाम सांवरो कहाय ,
सुणो – सुणो म्हारा सांवरा कुण करे सहाय ।।
धर्म को डर नहीं दुनिया रे माँय.....


गोबर भी शुद्ध यज्ञ आंगणो लिपाय ,
मूत्र भी पवित्र सर्व मंगला कहाय ।
दर्शन करता ही पाप मिट जाए ,
सुणो – सुणो म्हारा सांवरा कुण करे सहाय ।।
धर्म को डर नहीं दुनिया रे माँय.....


दूध है पवित्र सारा देवता नहाय ,
पंच गव्य रोगों ने तो जड़ सूं मिटाय ।
अनमोल हीरो आज कचरा में जाय ,
सुणो – सुणो म्हारा सांवरा कुण करे सहाय ॥
धर्म को डर नहीं दुनिया रे माँय.....


भोली – भाली सूरत में ममता समाय ,
शक्ति स्वरूप गौ माता कहलाए ।।
सेवा बिना वैतरणी पार कैसे पाय ,
सुणो – सुणो म्हारा सांवरा कुण करे सहाय ॥
धर्म को डर नहीं दुनिया रे माँय.....
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