कर्म इतना बिहारी जी का मुझ पर

तर्ज – अगर दिलबर की रुसवाई

कर्म इतना बिहारी जी का,
मुझ पर एक बार हो जाये,
जिधर देखु जहाँ देखु,
तेरा दीदार हो जाये,
कर्म इतना बिहारीं जी का,
मुझ पर एक बार हो जाये,
जिधर देखु जहाँ देखु,
तेरा दीदार हो जाये।।

मुझे दुनिया से क्या मतलब,
मुझे तुम पर भरोसा है,
मुझे तुझ पर भरोसा है,
तेरी जिस पर कृपा होवे,
तेरी जिस पर कृपा होवे,
तो बेड़ा पार हो जाये,
कर्म इतना बिहारीं जी का,
मुझ पर एक बार हो जाये,
जिधर देखु जहाँ देखु,
तेरा दीदार हो जाये।।

धूल भी आपके दर की,
शहंशाओ से बढ़कर है,
अगर यही गुलामी है,
अगर यही गुलामी है,
तो ये हर बार हो जाये,
कर्म इतना बिहारीं जी का,
मुझ पर एक बार हो जाये,
जिधर देखु जहाँ देखु,
तेरा दीदार हो जाये।।

ना कोई इनके जैसा है,
मेरा बांके तो ऐसा है,
जो बांके रंग में रंगे,
जो बांके रंग में रंगे,
तो जय जयकार हो जाये,
कर्म इतना बिहारीं जी का,
मुझ पर एक बार हो जाये,
जिधर देखु जहाँ देखु,
तेरा दीदार हो जाये।।

कर्म इतना बिहारी जी का,
मुझ पर एक बार हो जाये,
जिधर देखु जहाँ देखु,
तेरा दीदार हो जाये,
कर्म इतना बिहारीं जी का,
मुझ पर एक बार हो जाये,
जिधर देखु जहाँ देखु,
तेरा दीदार हो जाये।।
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